नशीली आँख में बादल का छाना
तेरा आना है
अकेली रात में नींदें उड़ाना
तेरा आना है!
जो हम ख़्वाबों से भी फ़क़त इश्क कर बैठे
वो सपनो की स्याही से लिपटकर तेरा आना है!
मेरी हर बात में
एहसास में
हर सांस में ख़ुशबू
हरेक अलफ़ाज़ में जादू
मेरी वो चाल बेकाबू हो जाना
तेरा आना है!!